भोपाल। राहुल गांधी को लेकर मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री से भाषा में संयम बरतने की नसीहत दी है। पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के बयानों में गरिमा और जिम्मेदारी दिखाई देनी चाहिए। उनका कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में शब्दों का चयन मर्यादित होना जरूरी है।
पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी देश के प्रमुख विपक्षी नेताओं में हैं और उनके खिलाफ मुख्यमंत्री की ओर से की गई टिप्पणी केवल राजनीतिक बयान नहीं मानी जाती। मुख्यमंत्री के हर शब्द का व्यापक असर होता है, इसलिए उन्हें आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में भाषा की सीमाओं का ध्यान रखना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष के बीच वैचारिक संघर्ष स्वाभाविक है। भाजपा और कांग्रेस के बीच नीतियों और मुद्दों को लेकर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी या ऐसी भाषा, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक कटु हो, लोकतांत्रिक संवाद के लिए उचित नहीं है।
पटवारी ने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख के रूप में संयमित और तथ्य आधारित भाषा का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की जनता सरकार से विकास, रोजगार, कानून-व्यवस्था और जनहित के मुद्दों पर जवाब चाहती है।
मुख्यमंत्री की टिप्पणी और पटवारी के पलटवार के बाद प्रदेश की सियासत में बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। अब देखना होगा कि भाजपा इस प्रतिक्रिया का किस तरह जवाब देती है।

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