इंदौर। शहर में मेट्रो के भूमिगत हिस्से को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जमीन से करीब 90 फीट नीचे सुरंग बनाने के लिए टनल बोरिंग मशीन यानी TBM को तैयार किया जा रहा है। मशीन के जरिए जमीन के भीतर सुरंग बनाई जाएगी, जिसमें भविष्य में मेट्रो ट्रेनें दौड़ेंगी। यह काम इंदौर के घने और व्यस्त इलाकों में सड़क के ऊपर निर्माण का दबाव कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
अंडरग्राउंड कॉरिडोर में TBM तकनीक का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योंकि इससे सतह पर बड़े पैमाने पर खुदाई किए बिना भूमिगत सुरंग तैयार की जा सकती है। मशीन जमीन के भीतर आगे बढ़ते हुए मिट्टी और चट्टान को काटती है तथा साथ ही सुरंग की संरचना को मजबूत करने के लिए सेगमेंट भी लगाए जाते हैं।
इंदौर में मेट्रो का भूमिगत हिस्सा शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों से जुड़ा है। ऐसे इलाकों में सड़क यातायात, बाजार और मौजूदा यूटिलिटी नेटवर्क को देखते हुए भूमिगत निर्माण तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। TBM के इस्तेमाल से काम को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश होगी।
करीब 90 फीट की गहराई पर बनने वाली सुरंग में सुरक्षा, भूगर्भीय स्थिति और पानी के दबाव जैसी चुनौतियों पर भी लगातार निगरानी रखनी होगी। मशीन के तैयार होने के बाद सुरंग निर्माण का वास्तविक चरण शुरू होगा।
अब इंदौर में नजर इस बात पर है कि TBM कितनी तेजी से सुरंग का निर्माण पूरा करती है और शहर के व्यस्त हिस्सों में मेट्रो परियोजना का भूमिगत नेटवर्क कब आकार लेता है।

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