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कैप्टन अमरिंदर सिंह का BJP से मोहभंग? बोले- चार साल में कुछ नहीं मिला, कांग्रेस वापसी और चुनाव लड़ने पर भी साफ किया रुख

चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा में अपने चार साल के राजनीतिक सफर को लेकर पहली बार खुलकर असंतोष जताया है। द ट्रिब्यून को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद चार साल में उन्हें “वास्तव में कुछ भी हासिल नहीं हुआ।” उनका कहना था कि किसी पार्टी में शामिल होने के बाद वरिष्ठ नेता से सलाह-मशविरा किए जाने की अपेक्षा स्वाभाविक है, खासकर तब जब उन्होंने करीब छह दशक पंजाब की राजनीति को समझने में बिताए हैं। 



हालांकि, अमरिंदर सिंह ने भाजपा छोड़ने या कांग्रेस में लौटने की योजना से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उन्हें वापस लेगी, ऐसा उन्हें नहीं लगता और फिलहाल वहां भी कई समस्याएं हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके चुनाव लड़ने के दिन लगभग खत्म हो चुके हैं, यानी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उनके खुद मैदान में उतरने की संभावना उन्होंने खारिज करने के संकेत दिए हैं। 


अमरिंदर सिंह सितंबर 2022 में अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का भाजपा में विलय कर भाजपा में शामिल हुए थे। उनका ताजा बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। जून में कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने उनके कांग्रेस के संपर्क में होने का दावा किया था, जबकि सितंबर में पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि अमरिंदर की वापसी को लेकर हाईकमान से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है। 


दिलचस्प बात यह है कि अगस्त में राहुल गांधी ने अमरिंदर सिंह को अपना पसंदीदा भाजपा नेता बताया था। इसके बावजूद अमरिंदर ने तब भी कांग्रेस में लौटने से इनकार किया था। 


अमरिंदर सिंह ने पंजाब में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन की जरूरत की भी वकालत की है।

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