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महाराष्ट्र में 5 साल में 47 लाख से ज्यादा लोग कुत्तों के शिकार, रेबीज से 134 मौतें

2021 से 2025 के बीच सामने आए आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता, RTI से हुआ खुलासा



महाराष्ट्र में आवारा और पालतू कुत्तों के काटने की घटनाओं का आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला है। 2021 से 2025 के बीच राज्य में 47 लाख 37 हजार 763 लोगों को कुत्तों ने काटा। इसी अवधि में रेबीज के कारण 134 लोगों की मौत दर्ज की गई। यह जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सामने आई है।


आंकड़ों के मुताबिक पांच साल में कुत्तों के काटने के मामलों की संख्या लगातार बड़ी बनी रही। हर साल लाखों लोगों को एंटी-रेबीज उपचार की जरूरत पड़ी। सबसे गंभीर स्थिति उन मामलों में रही, जहां समय पर उपचार नहीं मिलने या संक्रमण बढ़ने के कारण रेबीज जानलेवा साबित हुआ।


रेबीज एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो संक्रमित जानवर की लार के संपर्क, खासकर काटने या खरोंच के जरिए फैल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार कुत्ते के काटने के बाद घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से धोना और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है।


RTI से सामने आए ये आंकड़े केवल सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज मामलों को दर्शाते हैं। ऐसे में वास्तविक घटनाओं की संख्या कितनी है, यह अलग से सवाल है। महाराष्ट्र में बढ़ते कुत्तों के काटने के मामलों के बीच नगर निकायों की नसबंदी, टीकाकरण और आवारा कुत्तों के प्रबंधन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं।

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