कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सत्ता संभालने के बाद भाजपा ने संगठन को चुनावी मोड में डालते हुए 263 सदस्यीय नई प्रदेश कार्यसमिति का गठन किया है। विधानसभा उपचुनावों से पहले तैयार की गई इस ‘जंबो टीम’ में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से लेकर केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ संगठन नेताओं तक को अलग-अलग इलाकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को तमलुक संगठनात्मक जिले की मिली है। इसी क्षेत्र में नंदीग्राम आता है, जहां 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। शुभेंदु अधिकारी ने 2021 में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को हराकर बंगाल की राजनीति में अपनी निर्णायक जगह बनाई थी। अब उसी इलाके की संगठनात्मक जिम्मेदारी सीधे मुख्यमंत्री को देना भाजपा की चुनावी रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
भाजपा ने मुख्यमंत्री के पिता और पूर्व सांसद शिशिर अधिकारी को कांथी की जिम्मेदारी दी है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार को दक्षिण दिनाजपुर और शांतनु ठाकुर को बनगांव का संगठनात्मक प्रभार मिला है। राज्य मंत्री तपस रॉय को उत्तर कोलकाता, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को बीरभूम, निशीथ प्रमाणिक को कूचबिहार और शंकर घोष को सिलीगुड़ी की जिम्मेदारी दी गई है।
दिलचस्प यह है कि नई प्रदेश कार्यसमिति का गठन प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य के पद संभालने के एक साल से ज्यादा समय बाद हुआ है। यानी भाजपा ने संगठनात्मक ढांचे को अब बड़े पैमाने पर सक्रिय किया है। 263 सदस्यीय टीम सिर्फ पदों की सूची नहीं, बल्कि बंगाल में भाजपा के अगले चुनावी अभियान का जमीनी ढांचा है।
Post a Comment