मुंबई। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई की क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी को लेकर बड़ा सुझाव दिया है। दलीप ट्रॉफी के एक नियम से नाराज गावस्कर ने क्रिकेट प्रशासन और चयन प्रक्रिया में अनुभवी पूर्व खिलाड़ियों की भूमिका बढ़ाने की बात कही है।
गावस्कर का मानना है कि क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी को केवल औपचारिक संस्था की तरह नहीं, बल्कि मजबूत और अनुभवी क्रिकेट दिमागों वाली कमेटी के तौर पर काम करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों को ऐसी जिम्मेदारी दी जा सकती है, जिसमें वे भारतीय टीम के हेड कोच और चयनकर्ताओं के चयन की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएं।
गावस्कर के मुताबिक पूर्व खिलाड़ियों का अनुभव भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है। मैदान पर लंबे समय तक खेलने वाले दिग्गज खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम की जरूरतों, घरेलू क्रिकेट की चुनौतियों और खिलाड़ियों की मानसिकता की बेहतर समझ होती है। ऐसे में कोच और सेलेक्टर्स चुनने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी व्यवस्था को मजबूत कर सकती है।
दलीप ट्रॉफी के एक नियम को लेकर गावस्कर की नाराजगी के बाद उनका यह सुझाव सामने आया है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से यह सवाल भी खड़ा किया कि क्या घरेलू क्रिकेट और चयन व्यवस्था से जुड़े फैसलों में पर्याप्त क्रिकेट विशेषज्ञता का इस्तेमाल हो रहा है।
हालांकि, गावस्कर का सुझाव लागू करना पूरी तरह बीसीसीआई के प्रशासनिक ढांचे और CAC की भूमिका पर निर्भर करेगा। लेकिन सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे नामों को चयन प्रक्रिया से जोड़ने का विचार भारतीय क्रिकेट में बहस जरूर छेड़ सकता है।

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