नई दिल्ली | बौद्धिक प्रतिकार
अमेरिका की एक कंपनी में हुई महज 5 मिनट की वीडियो कॉल के बाद भारत में काम कर रही करीब 80 कर्मचारियों की पूरी टीम को नौकरी से हटाए जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों को अचानक ऑनलाइन मीटिंग में बुलाया गया और उन्हें बताया गया कि कंपनी अपने भारत ऑपरेशन में बदलाव कर रही है।
घटना ने ग्लोबल कंपनियों में काम कर रहे भारतीय कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। खासकर उन कंपनियों में, जहां भारत स्थित टीमें अमेरिकी कारोबार के लिए बैक-ऑफिस, टेक्नोलॉजी या सपोर्ट से जुड़ी सेवाएं देती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों को पहले से बड़े स्तर पर छंटनी के संकेत नहीं मिले थे। अचानक बुलाई गई कॉल में टीम को हटाने की जानकारी दी गई। कुछ ही मिनटों में वर्षों की नौकरी खत्म होने से कर्मचारियों में असमंजस और नाराजगी की स्थिति बनी।
हालांकि, कंपनी का नाम, कर्मचारियों के पद, मुआवजे और भारत में ऑपरेशन बंद करने या केवल टीम में बदलाव करने को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अंतर हो सकता है। इसलिए इन पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी कंपनियों में लागत घटाने, ऑटोमेशन और AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच वैश्विक स्तर पर नौकरियों में बदलाव की चर्चा तेज है। भारत की बड़ी IT और सेवा अर्थव्यवस्था के लिए भी यह सवाल महत्वपूर्ण है कि क्या कम लागत वाले भारतीय कर्मचारियों पर निर्भर मॉडल अब तकनीकी बदलाव के दबाव में बदल रहा है?

Post a Comment