भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जापान की प्रमुख रेटिंग एजेंसी जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (जेसीआर) ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को बीबीबी प्लस से बढ़ाकर ए माइनस कर दिया है। एजेंसी ने भारत के लिए आउटलुक भी स्थिर रखा है। जेसीआर ने यह फैसला 2 सितंबर 2026 को जारी किया।
इस अपग्रेड को भारत के लिए खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि देश को किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से ए श्रेणी की रेटिंग करीब 35 साल बाद मिली है। रिपोर्टों के अनुसार इससे पहले 1988 में भारत को मूडीज से तुलनीय ए श्रेणी की रेटिंग मिली थी।
जेसीआर ने भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि को फैसले का प्रमुख आधार बताया है। एजेंसी के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था करीब 7 प्रतिशत की मजबूत विकास दर बनाए हुए है, जिसे निजी खपत और सार्वजनिक निवेश का सहारा मिल रहा है। डिजिटल सार्वजनिक ढांचे, वस्तु एवं सेवा कर जैसे सुधारों और वित्तीय क्षेत्र की बेहतर स्थिति को भी रेटिंग बढ़ाने की वजह माना गया है।
एजेंसी ने बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र की मजबूती में सुधार का भी उल्लेख किया है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि भारत की सभी आर्थिक चुनौतियां खत्म हो गई हैं। राजकोषीय स्थिति और सरकारी कर्ज जैसे मुद्दे अब भी महत्वपूर्ण हैं।
फिर भी बीबीबी प्लस से ए माइनस की छलांग भारत की वैश्विक आर्थिक विश्वसनीयता के लिए बड़ा संकेत मानी जा रही है। इससे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच भारत की साख और मजबूत होने की उम्मीद है।

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