मुंबई में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से जुड़े करीब ₹280 करोड़ के कथित लोन फ्रॉड मामले में नामी बिल्डर हरीश मेहता का नाम सामने आया है। मामले में CBI ने उन्हें 20 मई 2023 को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि राजपूत रिटेल (RRL) से जुड़े गुप्ता बंधुओं ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से कर्ज हासिल किया।
जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में बैंक को करीब ₹280 करोड़ का नुकसान होने का आरोप है। आरोपों का केंद्र उन दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन को बताया गया है, जिनके आधार पर बैंक से ऋण स्वीकृत कराया गया।
CBI ने मामले में कथित धोखाधड़ी और बैंक को वित्तीय नुकसान पहुंचाने से जुड़े पहलुओं की जांच की। गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई गई और संबंधित व्यक्तियों तथा कंपनियों की भूमिका को लेकर दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
हालांकि, किसी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है। गिरफ्तारी या जांच एजेंसी की कार्रवाई अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
₹280 करोड़ के इस मामले में अब जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान यह स्पष्ट होना है कि कथित फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए, ऋण की राशि कहां इस्तेमाल हुई और बैंक को हुए नुकसान के लिए किसकी कानूनी जिम्मेदारी तय होती है।

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