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20 साल पहले ₹1,536 की थी आज के ₹10,000 जितनी ताकत, जानिए कैसे बन सकते थे ₹87.3 लाख



नई दिल्ली। हर महीने ₹10,000 की एसआईपी सुनने में आज भले सामान्य निवेश योजना लगे, लेकिन 20 साल पहले यही रकम आम व्यक्ति की आय के मुकाबले बेहद बड़ी थी। एक दिलचस्प अध्ययन ने बताया है कि आज ₹10,000 प्रति माह निवेश करने की क्षमता रखने वाले व्यक्ति के लिए वर्ष 2006 में इसी अनुपात की एसआईपी केवल ₹1,536 मासिक के आसपास होती।


रिपोर्ट के अनुसार, यदि किसी निवेशक ने सितंबर 2006 से अगस्त 2026 तक लगातार हर महीने ₹10,000 की एसआईपी की होती और निवेश निफ्टी 50 टीआरआई के प्रदर्शन के अनुरूप रहता, तो कुल ₹24 लाख के निवेश की अनुमानित कीमत करीब ₹87.3 लाख हो सकती थी। 


लेकिन कहानी का दूसरा पहलू ज्यादा महत्वपूर्ण है। 20 साल पहले ₹10,000 निवेश करना आज की तुलना में कहीं कठिन था। प्रति व्यक्ति मासिक आय के अनुपात से देखें तो आज ₹10,000 करीब 55 प्रतिशत के बराबर है, जबकि दो दशक पहले यही राशि औसत मासिक आय के 350 प्रतिशत से अधिक बैठती थी। इसलिए आय के हिसाब से एसआईपी बढ़ाने वाले मॉडल में निवेश की शुरुआत ₹1,536 से होती और धीरे-धीरे बढ़ते हुए आज ₹10,000 तक पहुंचती। ऐसे मॉडल में अंतिम कोष करीब ₹31.9 लाख रहने का अनुमान है। 


इस उदाहरण का सबसे बड़ा संदेश साफ है—एसआईपी में सिर्फ रकम नहीं, समय और निरंतरता सबसे बड़ी ताकत हैं। बाजार गिरने पर निवेश बंद करना या बीच में पैसा निकालना लंबे समय के चक्रवृद्धि लाभ को काफी कम कर सकता है।


यानी ₹10,000 की एसआईपी से ₹87.3 लाख का आंकड़ा संभव है, लेकिन वास्तविक निवेश यात्रा आपकी आय, अनुशासन और लगातार निवेश करते रहने की क्षमता पर निर्भर करती है।

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