2026 में हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी लगातार दो दिनों में पड़ रही हैं। 14 सितंबर को हरितालिका तीज का व्रत रखा जाएगा, जबकि 15 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी। लगातार आने वाले इन पर्वों के कारण धार्मिक दृष्टि से यह अवधि विशेष मानी जा रही है।
हरितालिका तीज पर महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। इस दिन महिलाएं निर्जला या अपनी क्षमता के अनुसार व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। पूजा में मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाकर पूजन करने की परंपरा भी है।
इसके अगले दिन गणेश चतुर्थी पर घर और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। स्थापना से पहले स्थान की सफाई कर कलश स्थापना और गणेश पूजन किया जाता है। भगवान गणेश को दूर्वा, लाल फूल और मोदक अर्पित किए जाते हैं। पूजा में गणेश मंत्रों का जाप और आरती की जाती है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार तीज का व्रत सौभाग्य और दांपत्य सुख, जबकि गणेश पूजा बुद्धि, विवेक और विघ्नों से मुक्ति की कामना से जुड़ी है। हालांकि पूजा और स्थापना का सटीक मुहूर्त स्थानीय पंचांग और स्थान के अनुसार कुछ मिनटों तक अलग हो सकता है, इसलिए अपने शहर के पंचांग से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

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