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125 साल पुरानी व्हिस्की का बदला अंदाज: मैकडॉवेल्स नंबर 1 में क्या किए गए बदलाव?



डियाजियो इंडिया अपने लोकप्रिय व्हिस्की ब्रांड मैकडॉवेल्स नंबर 1 के फॉर्मूले में बदलाव करने जा रही है। कंपनी के मुताबिक नए ब्लेंड में चुनिंदा इम्पोर्टेड स्कॉच, इंडियन माल्ट और प्रीमियम ग्रेन स्पिरिट्स का इस्तेमाल किया गया है। इसका उद्देश्य ब्रांड के पारंपरिक स्वाद को बनाए रखते हुए उसे नए अंदाज में पेश करना है।


कंपनी के इस बदलाव को ऐसे समय में देखा जा रहा है जब भारतीय शराब बाजार में प्रीमियम सेगमेंट तेजी से प्रतिस्पर्धी हो रहा है। उपभोक्ताओं के बीच बेहतर गुणवत्ता वाले माल्ट और स्कॉच आधारित ब्लेंड की मांग बढ़ने के साथ पुराने ब्रांड भी अपने उत्पादों में बदलाव कर रहे हैं।


नए फॉर्मूले में इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग स्पिरिट्स को मिलाकर ऐसा ब्लेंड तैयार किया गया है, जिसमें स्कॉच की विशेषताओं के साथ भारतीय माल्ट और ग्रेन स्पिरिट का संतुलन रखा गया है। हालांकि, वास्तविक स्वाद में कितना बदलाव महसूस होगा, यह नए उत्पाद के बाजार में आने के बाद ही स्पष्ट होगा।


मैकडॉवेल्स नंबर 1 की लंबी बाजार मौजूदगी इसे भारतीय व्हिस्की बाजार का जाना-पहचाना नाम बनाती है। ऐसे में फॉर्मूले में बदलाव सिर्फ उत्पाद में परिवर्तन नहीं, बल्कि पुराने ब्रांड को बदलती उपभोक्ता पसंद के साथ जोड़ने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा सकता है।


नए ब्लेंड की उपलब्धता और कीमत राज्य के आबकारी नियमों तथा स्थानीय बाजार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

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