16 अक्टूबर को मतदान; यूपी की 10, उत्तराखंड की 1 और बंगाल की 1 सीट पर मुकाबला
नई दिल्ली। राज्यसभा की 12 सीटों के लिए चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 16 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश की 10, उत्तराखंड की 1 और पश्चिम बंगाल की 1 सीट के लिए मतदान होगा। यूपी और उत्तराखंड में मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल में एक सीट रिक्त होने के कारण उपचुनाव होगा।
सबसे ज्यादा निगाहें उत्तर प्रदेश पर हैं। 403 सदस्यीय विधानसभा में राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्येक सीट जीतने को आवश्यक प्रथम वरीयता मतों का कोटा लगभग 40 विधायक बैठता है। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर भाजपा और उसके सहयोगी दलों के पास 10 में से अधिकांश सीटों के लिए पर्याप्त संख्याबल है, जबकि समाजवादी पार्टी के पास दो सीटों के लिए जरूरी संख्या जुटाने की स्थिति बताई जा रही है। हालांकि अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों के नाम, सहयोगी दलों के रुख और मतदान के समय विधायकों की वास्तविक उपस्थिति से तय होगी।
यूपी में जिन प्रमुख सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें रामगोपाल यादव, हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल और सीमा द्विवेदी समेत अन्य नाम शामिल हैं। बसपा के रामजी गौतम का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है और विधानसभा में पार्टी के पास फिलहाल कोई विधायक नहीं है।
उत्तराखंड की एक सीट पर भाजपा के नरेश बंसल का कार्यकाल समाप्त होगा। पश्चिम बंगाल की रिक्त सीट पर उपचुनाव होगा। यहां बदले विधानसभा समीकरण भी इस चुनाव को महत्वपूर्ण बनाते हैं।
अब असली सवाल उम्मीदवारों के ऐलान और पार्टियों की रणनीति का है। 29 सितंबर से नामांकन शुरू होगा, 6 अक्टूबर अंतिम तारीख और 16 अक्टूबर को मतदान व मतगणना होगी। तब साफ होगा कि आंकड़ों का गणित किस तरह अंतिम नतीजे में बदलता है।

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