शिवपुरी। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की वार्षिक सभा में किसानों से जुड़ी करीब 11 लाख रुपये की राशि जमा नहीं कराए जाने का मामला सामने आने के बाद जमकर हंगामा हुआ। बैठक में जब इस राशि के हिसाब और जमा किए जाने को लेकर सवाल उठे तो मामला गंभीर हो गया। प्रशासन की ओर से तीन अधिकारियों को हिरासत में भेजे जाने की कार्रवाई की गई और प्रकरण में आगे कानूनी कार्रवाई की बात सामने आई है।
बताया गया कि किसानों से वसूली गई राशि बैंक के खाते में जमा कराया जाना था, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया के बावजूद रकम जमा नहीं हुई। वार्षिक सभा में यह मुद्दा उठने के बाद अधिकारियों से जवाब मांगा गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
शिवपुरी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पहले भी वित्तीय अनियमितताओं और किसानों-अमानतदारों की रकम से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार बैंक से जुड़े पुराने मामले में बड़ी राशि की वसूली लंबित रही है।
हालांकि, मौजूदा 11 लाख रुपये के मामले में यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि रकम किन परिस्थितियों में जमा नहीं हुई और इसमें व्यक्तिगत स्तर पर किसकी जिम्मेदारी तय होगी। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद जांच और मुकदमे की प्रक्रिया से ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी। शिवपुरी के मौजूदा कलेक्टर अर्पित वर्मा हैं।

Post a Comment