मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बार फिर बिल बढ़ने की खबर सामने आई है। दावा है कि 100 यूनिट बिजली खपत पर करीब ₹2.46 और 500 यूनिट पर ₹14.31 तक अतिरिक्त भार पड़ सकता है। हालांकि यह बढ़ोतरी किस शुल्क या समायोजन के तहत लागू होगी, इसे आधिकारिक आदेश की संबंधित तालिका से स्पष्ट करना जरूरी है।
मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग यानी एमपीईआरसी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियों की खुदरा आपूर्ति दरों का टैरिफ आदेश जारी किया है। आयोग की वेबसाइट पर यह आदेश उपलब्ध है।
नए टैरिफ में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग खपत स्लैब के अनुसार ऊर्जा शुल्क और निर्धारित शुल्क का प्रावधान है। बिल की वास्तविक राशि केवल यूनिट खपत से तय नहीं होती; इसमें कनेक्टेड लोड, निर्धारित शुल्क और लागू अन्य शुल्क भी शामिल होते हैं। आधिकारिक टैरिफ आदेश में उदाहरण के तौर पर बिलिंग अवधि और खपत के आधार पर स्लैब की गणना का तरीका भी बताया गया है।
यानी 100 या 500 यूनिट खपत वाले हर उपभोक्ता के बिल में समान रकम बढ़ेगी, ऐसा सीधे कहना सही नहीं होगा। उपभोक्ता का क्षेत्र, कनेक्शन श्रेणी, लोड और लागू राहत/सब्सिडी भी अंतिम बिल को प्रभावित कर सकती है।
अब बड़ा सवाल यही है कि ₹2.46 और ₹14.31 की अतिरिक्त राशि किस मद में और किस अवधि से लागू होगी। इसका स्पष्ट जवाब एमपीईआरसी के संबंधित आदेश/टैरिफ तालिका से ही तय होगा।

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