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सावन में शिव पूजा से शनि की बाधा होगी शांत?

सावन में भगवान शिव की आराधना को विशेष फलदायी माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं में शिव पूजा को शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि से जुड़े कष्टों में मानसिक राहत देने वाला उपाय माना गया है। हालांकि, ये धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, इनका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।



सावन के सोमवार को शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करने की परंपरा है। इसके साथ बेलपत्र चढ़ाना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा से बेलपत्र अर्पित करने और महामृत्युंजय मंत्र या ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने से मन को शांति मिलती है।


शनि के लिए क्या करें?


ज्योतिष परंपरा में सावन के दौरान शिवलिंग पर काले तिल मिश्रित जल अर्पित करने का उपाय बताया जाता है। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल, उड़द, कंबल या भोजन का दान करने की भी परंपरा है।


राहु-केतु के लिए उपाय


राहु-केतु से जुड़ी परेशानियों के लिए सावन में शिव पूजा और महामृत्युंजय मंत्र के जाप की सलाह कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में दी जाती है। शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय मन को शांत रखकर प्रार्थना करना इस साधना का हिस्सा माना जाता है।


इन बातों का रखें ध्यान


शिवलिंग पर ऐसी कोई सामग्री न चढ़ाएं जिससे मंदिर या जलस्रोत प्रदूषित हों। पूजा में दिखावे के बजाय श्रद्धा और संयम को महत्व दें।


जरूरी बात: साढ़ेसाती या ढैय्या को लेकर डरने की जरूरत नहीं है। शनि की दशा जीवन में आने वाली हर परेशानी का कारण नहीं होती। पूजा-पाठ आस्था का विषय है और आर्थिक, स्वास्थ्य या अन्य गंभीर समस्याओं के लिए व्यावहारिक कदम तथा विशेषज्ञ की सलाह भी जरूरी है।

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