रविवार को सूर्य उपासना का दिन माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार कुंडली में सूर्य कमजोर होने पर आत्मविश्वास, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और पिता से जुड़े मामलों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में रविवार को सूर्य देव की पूजा और मंत्र जाप को शुभ माना जाता है।
सुबह स्नान के बाद स्वच्छ कपड़े पहनकर उगते सूर्य को जल अर्पित करें। इसके बाद शांत मन से सूर्य देव का ध्यान करते हुए “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का 11 बार जाप कर सकते हैं।
मंत्र जाप के दौरान मन को एकाग्र रखना और जल्दबाजी न करना बेहतर माना जाता है। श्रद्धा रखने वाले लोग सूर्य को तांबे के पात्र से जल अर्पित करते हैं। कई ज्योतिषीय परंपराओं में जल अर्पित करते समय सूर्य की ओर सीधे देखने के बजाय जल की धारा से बनने वाले प्रतिबिंब की ओर देखने की सलाह दी जाती है।
सूर्य को मजबूत करने के लिए क्या करें?
रविवार को जरूरतमंद व्यक्ति को गेहूं, गुड़ या तांबे की वस्तु का दान करना भी कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में शुभ माना जाता है। अपने माता-पिता और विशेष रूप से पिता का सम्मान करना भी सूर्य से जुड़ी सकारात्मक ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि, सूर्य मंत्र या किसी पूजा-पद्धति को चिकित्सा या वैज्ञानिक उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। कुंडली में ‘सूर्य दोष’ की स्थिति व्यक्ति की मान्यता और ज्योतिषीय पद्धति पर निर्भर करती है।
श्रद्धा के साथ किया गया मंत्र जाप मानसिक शांति और सकारात्मक दिनचर्या का माध्यम बन सकता है।

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