बारिश का मौसम आते ही कई लोगों को घुटनों, कंधों, कमर और अन्य जोड़ों में दर्द, जकड़न और सूजन की शिकायत बढ़ने लगती है। खासकर गठिया या पुराने जोड़ों के रोग से पीड़ित लोगों में यह समस्या अधिक देखी जाती है।
हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान वायुमंडलीय दबाव में बदलाव, बढ़ी हुई नमी और तापमान में गिरावट शरीर के जोड़ों और आसपास की मांसपेशियों को प्रभावित कर सकती है। इससे पहले से सूजन वाले जोड़ों में दर्द और अकड़न अधिक महसूस होने लगती है।
बारिश के मौसम में धूप कम मिलने और शारीरिक गतिविधि घटने से भी मांसपेशियां कमजोर पड़ सकती हैं, जिससे जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने या व्यायाम न करने से दर्द और बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम सीधे तौर पर हर व्यक्ति में जोड़ों की बीमारी पैदा नहीं करता, लेकिन जिन लोगों को पहले से ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉयड आर्थराइटिस या पुराने जोड़ों की चोट की समस्या है, उनमें मानसून के दौरान लक्षण अधिक स्पष्ट हो सकते हैं।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि इस मौसम में नियमित हल्का व्यायाम करें, शरीर को गर्म रखें, पर्याप्त पानी पिएं, वजन नियंत्रित रखें और दर्द लगातार बना रहे या सूजन बढ़ जाए तो स्वयं दवा लेने के बजाय हड्डी एवं जोड़ विशेषज्ञ से जांच कराएं।

Post a Comment