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फर्जी विज्ञापनों और ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने में विफल रहने का आरोप, केंद्र से सख्त कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कंपनी तीन दिन के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगती, तो उसकी 'सेफ हार्बर' कानूनी सुरक्षा समाप्त करने की सिफारिश की जाएगी। दुबे का आरोप है कि मेटा के मंचों पर फर्जी विज्ञापन, साइबर ठगी और भ्रामक सामग्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया जा रहा है।
दुबे ने कहा कि डिजिटल मंचों की जिम्मेदारी केवल सामग्री प्रसारित करना नहीं, बल्कि कानून और उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। उनका कहना है कि यदि कंपनी अपनी जवाबदेही से बचती रही, तो सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए।
क्या है 'सेफ हार्बर' सुरक्षा?
सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को कुछ परिस्थितियों में उपयोगकर्ताओं द्वारा डाली गई सामग्री के लिए सीमित कानूनी सुरक्षा मिलती है। इसे ही 'सेफ हार्बर' कहा जाता है। यदि कोई मंच कानून के अनुरूप आवश्यक सावधानियां नहीं बरतता, तो यह सुरक्षा समाप्त की जा सकती है।
फर्जी विज्ञापनों पर उठाए सवाल
निशिकांत दुबे का कहना है कि सोशल मीडिया मंचों पर निवेश, नौकरी, बैंकिंग और अन्य नामों से बड़ी संख्या में फर्जी विज्ञापन प्रसारित हो रहे हैं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मेटा से ऐसे मामलों में अधिक जवाबदेही निभाने की मांग की।
मेटा की प्रतिक्रिया पर नजर
मामले पर अब सबकी नजर मेटा की प्रतिक्रिया और केंद्र सरकार के अगले कदम पर है। यदि विवाद बढ़ता है, तो यह सोशल मीडिया कंपनियों की कानूनी जवाबदेही और डिजिटल नियमन पर नई बहस को जन्म दे सकता है।

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