हापुड़। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने उसके स्थानीय संपर्कों और गतिविधियों की पड़ताल तेज कर दी है। मामला अब केवल जफर की कथित आतंकी गतिविधियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि हापुड़ में उसके संपर्कों और ठहरने के ठिकानों की भी जांच की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि जफर जिले के कुछ मदरसों में ठहरा था। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वहां उसके ठहरने की वजह क्या थी और इस दौरान वह किन लोगों के संपर्क में रहा। उसके आने-जाने, मुलाकातों और संपर्कों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
इसके अलावा कुछ अमीर लोगों से कथित तौर पर आर्थिक मदद मिलने की आशंका की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि जफर को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता मिली थी या नहीं और यदि मिली तो उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
जफर की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ने से स्थानीय स्तर पर भी हलचल है। हालांकि, मदरसों में ठहरने या किसी व्यक्ति के संपर्क में आने मात्र से किसी को आतंकी नेटवर्क से जुड़ा साबित नहीं किया जा सकता। जांच एजेंसियां साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर वास्तविक भूमिका तय करेंगी।
अब निगाह इस बात पर है कि जांच में जफर के स्थानीय संपर्कों और कथित फंडिंग को लेकर कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।

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