नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान नारेबाजी को लेकर विवाद सामने आया। आरोप है कि यात्रा के दौरान कुछ छात्रों ने विवादित नारे लगाए और दूसरे छात्रों को ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने से रोकने की कोशिश की।
घटना को लेकर परिसर में छात्रों के बीच तनाव की स्थिति बनी। तिरंगा यात्रा में शामिल छात्रों ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर देशभक्ति के नारों का विरोध किया गया। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से कार्यक्रम और नारेबाजी को लेकर अलग दावे किए जाने की बात सामने आई है।
मामले के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। सोशल मीडिया पर भी घटना से जुड़े वीडियो और दावे प्रसारित होने लगे हैं। हालांकि, वायरल सामग्री की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका अब महत्वपूर्ण हो गई है। यदि नारेबाजी या किसी छात्र को राष्ट्रीय ध्वज अथवा देशभक्ति के नारे लगाने से रोकने की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ सकती है।
स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में हुआ यह विवाद एक बार फिर जेएनयू में छात्र राजनीति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर होने वाली बहस को सामने ले आया है।

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