क्या स्किन कैंसर दोबारा लौटने से रोक सकती है पर्सनलाइज्ड वैक्सीन? नई रिसर्च ने जगाई उम्मीद

 

कैंसर के इलाज में व्यक्तिगत उपचार की दिशा में तेजी से शोध हो रहा है। मॉडर्ना और मर्क की विकसित की जा रही पर्सनलाइज्ड एमआरएनए आधारित थेरेपी इंटिसमेरान ऑटोजीन (V940) ने हाई-रिस्क मेलेनोमा मरीजों में उत्साहजनक परिणाम दिखाए हैं। हालांकि, इसे अभी ऐसा इलाज नहीं कहा जा सकता जो स्किन कैंसर को हमेशा के लिए खत्म कर दे या दोबारा लौटने से पूरी तरह रोक दे।



2026 में पेश किए गए पांच साल के फॉलो-अप आंकड़े फेज-2बी KEYNOTE-942 अध्ययन से आए हैं, जिसमें सर्जरी के बाद हाई-रिस्क स्टेज-3/4 मेलेनोमा वाले मरीजों में V940 को कीट्रूडा के साथ दिया गया। इस संयोजन ने अकेले कीट्रूडा की तुलना में कैंसर के दोबारा लौटने या मरीज की मृत्यु के जोखिम को 49 प्रतिशत कम किया। दूर के अंगों तक कैंसर फैलने या मृत्यु का जोखिम भी 59 प्रतिशत कम रहा।


इस थेरेपी की खासियत यह है कि इसे मरीज के अपने ट्यूमर की आनुवंशिक जानकारी के आधार पर तैयार किया जाता है। इसका उद्देश्य प्रतिरक्षा तंत्र को कैंसर कोशिकाओं में मौजूद खास बदलावों को पहचानने और उनके खिलाफ प्रतिक्रिया विकसित करने के लिए प्रशिक्षित करना है।


लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फेज-3 परीक्षण अभी जारी है। इसलिए इसे फिलहाल प्रयोगात्मक उपचार माना जाना चाहिए। कंपनियों के अनुसार INTerpath-001 नाम का फेज-3 अध्ययन हाई-रिस्क मेलेनोमा में चल रहा है।


यानी खबर बड़ी जरूर है, लेकिन इसे “स्किन कैंसर का पक्का इलाज” कहना अभी जल्दबाजी होगी। आने वाले फेज-3 परिणाम और नियामकीय मंजूरी तय करेंगे कि यह व्यक्तिगत कैंसर उपचार में कितनी बड़ी सफलता साबित होती है।

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