नाना और भरत पटवारी से जुड़े 40 से ज्यादा लोग जांच के घेरे में, 25 से अधिक के गायब होने का दावा; करोड़ों के कारोबार पर भी असर
इंदौर। ड्रग्स सप्लाई, जमीन के कथित लेन-देन, धोखाधड़ी और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े मामलों की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इससे जुड़े लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। पुलिस के अनुसार नाना पटवारी और भरत पटवारी से जुड़े 40 से अधिक लोग जांच के दायरे में हैं। इनमें से 25 से ज्यादा लोगों के गिरफ्तारी के डर से शहर से गायब होने की बात सामने आई है।
पुलिस जांच की शुरुआत ड्रग्स सप्लाई मामले से हुई थी। कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी का नाम सामने आने के बाद संजय कौशल और इरफान उर्फ गोलू की ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तारी हुई। पूछताछ आगे बढ़ी तो जांच की कड़ियां जमीन के लेन-देन और ऑनलाइन सट्टेबाजी तक पहुंचीं। इसके बाद पुलिस ने नाना से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल तेज कर दी।
ड्रग्स मामले में पांच गिरफ्तार
डीसीपी जोन-1 नरेंद्रसिंह रावत के अनुसार पुलिस ने ड्रग्स मामले में नाना के करीबी बताए जा रहे इरफान उर्फ गोलू, संजय कौशल, आरिफ उर्फ भूरा, फैजल और अयान को गिरफ्तार किया है। वहीं ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े मामले में यश, संजय, मानव, अमित और प्रीतेश की गिरफ्तारी की गई है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान सामने आ रही जानकारियों के आधार पर जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
आरोपित नहीं, फिर भी गिरफ्तारी का डर?
जांच के बीच एक दिलचस्प स्थिति सामने आई है। पुलिस रिकॉर्ड में जिन लोगों को अभी किसी मामले में आरोपित नहीं बताया गया है, उनमें से भी कुछ लोगों के गायब होने और अग्रिम जमानत की तैयारी करने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार मनीष सोमनानी, कृष्णकांत शर्मा, बंटी असरानी, सोमप्रीत और कृष्णा मौरे फरार बताए जा रहे हैं। सोमप्रीत और कृष्णा मौरे द्वारा अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस के अनुसार इन दोनों का नाम अभी आरोपितों की सूची में नहीं है।
ड्रग्स मामले में सोहन जोजो और रेहान सहित कुछ अन्य लोगों के भी गायब होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
कॉलोनाइजर और फायनेंसर से भी पूछताछ
जांच का दायरा केवल ड्रग्स तक सीमित नहीं है। पुलिस जमीन के कथित लेन-देन और वित्तीय गतिविधियों से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार कॉलोनाइजर सुमित मंत्री, पप्पू मंत्री, फायनेंसर सुमित और कथित छात्र नेता रवि चौधरी से पूछताछ की जा चुकी है। पुलिस ने इन लोगों से घंटों तक पूछताछ की है।
इसी बीच कारोबारी जीतू तिंदोरी के घर से गायब होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को उससे शुभम वैली में सामने आई कथित भूखंड धोखाधड़ी के संबंध में पूछताछ करनी है।
करोड़ों का कारोबार छोड़कर क्यों भाग रहे लोग?
जांच में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसे कौन से कारण हैं जिनके चलते करोड़ों का कारोबार करने वाले लोग भी शहर से दूरी बना रहे हैं? पुलिस का कहना है कि नाना और भरत से जुड़े नेटवर्क की जांच के कारण कई लोग गिरफ्तारी की आशंका में खुद को जांच से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि किसी व्यक्ति का फरार होना अपने आप में उसके अपराधी होने का प्रमाण नहीं है। जिन लोगों पर अभी कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है, उनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है।
जांच की अगली कड़ी जमीन और पैसों तक
ड्रग्स से शुरू हुई जांच अब जमीन के सौदों, कथित धोखाधड़ी और ऑनलाइन सट्टेबाजी तक पहुंच चुकी है। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग मामलों के बीच मौजूद संभावित आर्थिक और आपराधिक संबंधों को प्रमाणों के साथ स्थापित करने की है।
यदि पूछताछ में सामने आ रहे संपर्कों और लेन-देन की पुष्टि दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों से होती है, तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
एक और मामला—कुख्यात अनवर को जम्मू ले गई पुलिस
इसी बीच सदर बाजार पुलिस ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में गिरफ्तार पूर्व पार्षद और कुख्यात बदमाश अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत को जम्मू-कश्मीर ले जाकर पूछताछ शुरू की है।
पुलिस के अनुसार अनवर ने वर्ष 2008 में रामबन से शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। पूछताछ में उसने कथित तौर पर एक एजेंट की जानकारी दी है। अब पुलिस रामबन और कठुआ जाकर एजेंट की भूमिका और लाइसेंस से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करेगी।
बड़ा सवाल
इंदौर में ड्रग्स से शुरू हुई जांच यदि जमीन, सट्टेबाजी और वित्तीय लेन-देन तक पहुंच रही है, तो क्या पुलिस इन सभी कड़ियों को जोड़कर किसी बड़े नेटवर्क का खुलासा कर पाएगी?
फिलहाल जांच जारी है और पुलिस की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर है।

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