जबलपुर। सिवनी के क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ सहायक ग्रेड-टू सुभाष शर्मा की संपत्ति की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कथित तौर पर बेहिसाब संपत्ति की परतें खुलती जा रही हैं। लोकायुक्त की कार्रवाई में उसके और उसकी पत्नी के ठिकानों से बड़ी मात्रा में संपत्ति मिलने की जानकारी सामने आई है।
छापेमारी में मिला 500 ग्राम सोना
लोकायुक्त ने शनिवार को सुभाष शर्मा और उसकी पत्नी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान घर से करीब 500 ग्राम सोना मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
1989 में शुरू की थी सरकारी नौकरी
सुभाष शर्मा ने वर्ष 1989 में सहायक ग्रेड-तीन के पद से सरकारी सेवा शुरू की थी। समय के साथ पदोन्नति के बाद वह सहायक ग्रेड-टू के पद तक पहुंचा। लोकायुक्त की जांच में अब उसकी सेवा अवधि के दौरान अर्जित संपत्ति और आय के स्रोतों का मिलान किया जा रहा है।
आठ करोड़ तक पहुंची संपत्ति का दावा
प्रारंभिक जांच के आधार पर शर्मा की कुल संपत्ति करीब आठ करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात सामने आई है। लोकायुक्त यह पता लगाने में जुटी है कि उसकी घोषित और ज्ञात आय की तुलना में इतनी संपत्ति कैसे अर्जित हुई।
पत्नी की संपत्ति और खातों की भी जांच
जांच का दायरा केवल सरकारी कर्मचारी तक सीमित नहीं है। उसकी पत्नी के नाम पर मौजूद संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि कहीं संपत्तियां परिजनों या अन्य लोगों के नाम पर तो नहीं खरीदी गईं।
अब दस्तावेजों से खुलेगा पूरा राज
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, संपत्ति के कागजात और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। लोकायुक्त अब इनका मिलान शर्मा की वैध आय और सेवा अवधि के दौरान प्राप्त वेतन से करेगी।
यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति की पुष्टि होती है तो संबंधित कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल सामने आई संपत्तियों और रकम को प्रारंभिक जांच का हिस्सा माना जा रहा है; अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

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