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छात्रवृत्ति अटकी, विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट!

आवेदन पूरे, दस्तावेज पूरे… फिर भी खातों में नहीं पहुंची राशि

भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति समय पर नहीं मिलने से आर्थिक परेशानी बढ़ती जा रही है। शैक्षणिक सत्र आगे बढ़ चुका है, लेकिन बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अब भी छात्रवृत्ति की राशि का इंतजार है। सवाल यह है कि जब विद्यार्थियों ने समय पर आवेदन कर दिए और जरूरी दस्तावेज भी जमा कर दिए, तो भुगतान में देरी क्यों हो रही है?



छात्रवृत्ति के भरोसे पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के सामने कॉलेज फीस, किताबें, परीक्षा शुल्क और आने-जाने सहित दूसरे शैक्षणिक खर्चों का बोझ बढ़ गया है। कई विद्यार्थियों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे लंबे समय तक पढ़ाई का खर्च खुद उठा सकें।


सबसे बड़ा सवाल उन आवेदनों को लेकर है जो तकनीकी या दस्तावेज संबंधी कारणों से लंबित बताए जा रहे हैं। यदि किसी आवेदन में कमी है तो विद्यार्थी को समय रहते इसकी जानकारी देकर सुधार का मौका क्यों नहीं दिया जा रहा? और पात्र विद्यार्थियों की राशि आखिर कब जारी होगी?


सरकार की छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में मदद करना है। लेकिन भुगतान में देरी इसी उद्देश्य पर सवाल खड़े कर रही है।


विद्यार्थियों की मांग है कि लंबित आवेदनों की तत्काल जांच हो, तकनीकी अड़चनें दूर की जाएं और पात्र विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बिना और देरी के खातों में पहुंचाई जाए।


सीधा सवाल


जब छात्रवृत्ति विद्यार्थियों का हक है, तो उन्हें अपने ही हक के पैसे के लिए इंतजार क्यों करना पड़ रहा है?

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