‘
इंदौर। मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। 26 अगस्त को इंदौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान विजयवर्गीय ने कहा कि चीनी के दाम और महंगे हो जाएं तो उन्हें कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने यह बात हल्के-फुल्के अंदाज में कही, लेकिन बयान को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
विजयवर्गीय ने कहा कि आजकल करीब 90 प्रतिशत लोग मीठा पसंद नहीं करते और वह खुद भी मीठा नहीं खाते। इसके बाद उन्होंने कहा कि चीनी बच्चों के लिए उचित मूल्य की दुकानों पर सस्ती मिलनी चाहिए, जबकि उम्रदराज लोगों को चीनी नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को चीनी से परहेज करने की सलाह देते हुए गुड़ को विकल्प के तौर पर लेने की बात कही।
विवाद का केंद्र केवल स्वास्थ्य संबंधी सलाह नहीं, बल्कि चीनी महंगी होने की इच्छा जताना है। यह बयान ऐसे समय आया है जब त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं और विपक्षी दलों की चिंता सामने आ रही है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयवर्गीय के बयान पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि महंगाई से परेशान गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बीच ऐसी टिप्पणी असंवेदनशील है। उन्होंने भाजपा नेताओं पर महंगाई के मुद्दे का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया।
राजनीतिक सवाल यह है कि यदि चीनी आम उपभोक्ता के लिए महंगी होती है तो त्योहारों के समय मिठाई, चाय और अन्य खाद्य वस्तुओं की लागत पर इसका असर कौन उठाएगा? स्वास्थ्य की सलाह अपनी जगह है, लेकिन महंगाई का बोझ उम्र देखकर नहीं आता। यही वजह है कि विजयवर्गीय की टिप्पणी अब मध्यप्रदेश की राजनीति में नया मुद्दा बन गई है।

Post a Comment