बालों की देखभाल के लिए हर बार महंगे शैंपू का इस्तेमाल जरूरी नहीं है। पुराने समय में जब बाजार में शैंपू नहीं हुआ करते थे, तब लोग बालों की सफाई के लिए कई प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करते थे। इनमें रीठा, शिकाकाई और आंवला प्रमुख माने जाते हैं।
रीठा प्राकृतिक रूप से झाग बनाने में मदद करता है और सिर की गंदगी तथा अतिरिक्त तेल को हटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। शिकाकाई को पारंपरिक रूप से बालों को साफ और मुलायम रखने के लिए प्रयोग किया जाता है। वहीं आंवला बालों की देखभाल में लंबे समय से इस्तेमाल होता आया है।
इन चीजों को उबालकर या भिगोकर तैयार किए गए पानी से बाल धोए जा सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति के बाल और सिर की त्वचा अलग होती है, इसलिए पहली बार इस्तेमाल करते समय थोड़ी मात्रा से शुरुआत करना बेहतर है। आंखों में जाने से बचाएं और जलन, खुजली या एलर्जी होने पर इस्तेमाल बंद कर दें।
प्राकृतिक चीजों का मतलब यह नहीं कि वे हर किसी के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसलिए बालों की समस्या लगातार बनी रहे, अत्यधिक रूसी हो या बाल तेजी से झड़ रहे हों तो विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

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