नई दिल्ली। आतंकवाद के खिलाफ अभियानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने बड़ा कदम उठाया है। एनएसजी ने पहली बार महिला जवानों के लिए कमांडो कन्वर्जन कोर्स शुरू किया है। इसका उद्देश्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में तैनात महिला कर्मियों को विशेष आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए आवश्यक अत्याधुनिक प्रशिक्षण देना है।
इस प्रशिक्षण के दौरान महिला जवानों को एनएसजी की विशेष अभियान तकनीक, हथियार संचालन, रणनीतिक प्रतिक्रिया, नजदीकी मुकाबले और आतंकवाद-रोधी अभियानों से जुड़ी ऑपरेशनल क्षमताओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये महिला कमांडो अपनी मूल पुलिस या केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल इकाइयों में वापस जाएंगी।
वहां वे एनएसजी से हासिल तकनीक और अनुभव का इस्तेमाल आतंकवाद, बंधक संकट और अन्य गंभीर सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में कर सकेंगी। इससे विभिन्न सुरक्षा बलों की महिला इकाइयों की पेशेवर क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।
महिला कर्मियों को विशेष अभियान से जुड़े प्रशिक्षण में शामिल करना सुरक्षा व्यवस्था के बदलते स्वरूप को देखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आतंकवाद-रोधी अभियानों में महिला सुरक्षाकर्मियों की भूमिका कई परिस्थितियों में निर्णायक हो सकती है, खासकर महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों में।
एनएसजी का यह कदम केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की आतंकवाद-रोधी सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को व्यापक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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