विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में शिक्षा व्यवस्था की एक तस्वीर ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। ककरुआ सहित आसपास के गांवों के स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर बेतवा नदी के स्टॉप डैम के संकरे पिलरों पर छलांग लगाते हुए स्कूल जाने को मजबूर थे। इस खतरनाक सफर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और सरकार हरकत में आई।
वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तेजी से तूल पकड़ा। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और महज तीन दिनों के भीतर बंधेरा गांव में नया हाई स्कूल शुरू करने का निर्णय लिया। इससे ककरुआ, बंधेरा और आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को अब नदी पार कर स्कूल जाने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से क्षेत्र में हाई स्कूल की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि स्कूल दूर होने के कारण बच्चों को प्रतिदिन जोखिम उठाना पड़ता था, विशेषकर बारिश के मौसम में जब नदी का जलस्तर बढ़ जाता था।
नए हाई स्कूल की शुरुआत से सैकड़ों विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। ग्रामीणों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि अब बच्चों की पढ़ाई बिना किसी खतरे के जारी रह सकेगी।
हालांकि यह घटना शिक्षा और ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई सवाल भी छोड़ गई है। यदि वीडियो वायरल नहीं होता, तो क्या बच्चों की यह परेशानी इतनी जल्दी प्रशासन तक पहुंचती? यह प्रश्न अब भी जवाब मांग रहा है।


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