वाशिंगटन/तेहरान। होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने बाद फिर सीधा सैन्य टकराव तेज हो गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट प्रक्षेपकों को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड इन प्रक्षेपकों से समुद्री सुरंगें होर्मुज जलडमरूमध्य में डालने की तैयारी कर रही थी। अमेरिका ने इसे नौवहन के लिए तत्काल खतरा बताते हुए कार्रवाई की।
अमेरिकी हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा किया। जॉर्डन की सेना के अनुसार, उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल आठ मिसाइलों को रोक लिया गया। अमेरिकी सूत्रों ने भी बताया कि अधिकांश मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया गया और बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
इस ताजा टकराव ने होर्मुज जलडमरूमध्य को एक बार फिर दुनिया के केंद्र में ला दिया है। यह मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। तनाव बढ़ने के साथ इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या भी तेजी से घट रही है। सप्ताहांत में दिखाई देने वाले वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही घटकर करीब पांच प्रतिदिन रह गई।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या लारक पर अमेरिकी हमला और जॉर्डन में ईरानी जवाबी कार्रवाई बड़े क्षेत्रीय युद्ध की नई शुरुआत साबित होगी?

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