प्रणव बजाज
विष्णु उस्ताद हत्याकांड से जुड़े और गैंगस्टर सतीश पवार उर्फ भाऊ के करीबी रहे पवित्र प्रधान के बेटे हितेश प्रधान पर एमआईजी पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, एक 16 वर्षीय किशोरी की शिकायत के बाद यह कार्रवाई हुई। शुरुआत में छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान में किशोरी ने दुष्कर्म के आरोप लगाए। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण में पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराएं जोड़ दीं।
पुराने अपराधों से घिरा आरोपी
हितेश प्रधान पुलिस रिकॉर्ड में नया नाम नहीं है। उसके खिलाफ पहले से ही लसूड़िया थाने में ब्लैकमेलिंग और एमआईजी थाने में आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में भी उसका नाम सामने आ चुका है।
पिता के आपराधिक कनेक्शन से चर्चा में आया नाम
हितेश प्रधान के पिता पवित्र प्रधान विष्णु उस्ताद हत्याकांड में आरोपी रहे हैं। इसी वजह से हितेश का नाम लंबे समय से शहर के अपराध जगत से जुड़े लोगों के बीच चर्चा में रहा है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी के पुराने संपर्क और आपराधिक नेटवर्क अभी भी सक्रिय हैं या नहीं।
पुलिस की निगरानी पर सवाल
एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं कि गंभीर अपराधों में नाम आने के बाद भी ऐसे लोग दोबारा अपराध करने की स्थिति में कैसे पहुंच जाते हैं। क्या पुराने अपराधियों पर निगरानी व्यवस्था कमजोर है? क्या आपराधिक नेटवर्क नई पीढ़ी तक पहुंच रहा है?
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। आरोपी के पुराने रिकॉर्ड, संपर्कों और अन्य संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
सवाल कायम है — अपराधियों के नेटवर्क पर लगाम कब?

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