श्रीनगर/लेह। जनगणना 2027 के दूसरे चरण के तहत जम्मू-कश्मीर के अधिसूचित बर्फबारी प्रभावित इलाकों और पूरे केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में सोमवार, 17 अगस्त से स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई। नागरिक 31 अगस्त तक अपनी जनगणना संबंधी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
इन दुर्गम क्षेत्रों में वास्तविक जनसंख्या गणना सितंबर में होगी। अधिकारियों के मुताबिक, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के बर्फीले इलाकों में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यह कार्यक्रम देश के अन्य हिस्सों से पहले रखा गया है। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण कई इलाके लंबे समय तक संपर्क से कट जाते हैं, इसलिए समय रहते गणना पूरी करने की तैयारी की गई है।
स्व-गणना के बाद 1 से 30 सितंबर तक गणनाकर्मी घर-घर जाकर आबादी का विवरण दर्ज करेंगे। इसके बाद आंकड़ों के सत्यापन के लिए 1 से 5 अक्टूबर तक पुनरीक्षण की प्रक्रिया होगी। इन क्षेत्रों के लिए जनगणना की संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर 2026 निर्धारित है।
इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से की जा रही है। स्व-गणना की सुविधा के जरिए नागरिक अपने परिवार और सदस्यों से जुड़ी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। जनगणना 2027 में जाति संबंधी जानकारी भी दर्ज किए जाने का प्रावधान है।
देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना का चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है।

Post a Comment