बच्चे के लिए क्यों अमृत समान है मां का दूध? जानिए इसके वैज्ञानिक फायदे

 


जन्म के बाद नवजात शिशु के लिए मां का दूध सबसे संपूर्ण और प्राकृतिक आहार माना जाता है। शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार इसमें ऐसे पोषक तत्व, प्रतिरक्षा देने वाले तत्व और एंटीबॉडी मौजूद होते हैं, जो बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



विशेषज्ञ बताते हैं कि जन्म के तुरंत बाद निकलने वाला गाढ़ा पीला दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहा जाता है, नवजात के लिए बेहद लाभकारी होता है। यह बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने, संक्रमण से बचाने और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाने में मदद करता है।


मां का दूध बच्चे की जरूरत के अनुसार बदलता रहता है। इसमें प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज और पर्याप्त मात्रा में पानी होता है, जिससे अलग से पानी पिलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। यह शिशु के मस्तिष्क के विकास और स्वस्थ वजन बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है।


विशेषज्ञों के अनुसार स्तनपान केवल बच्चे के लिए ही नहीं, बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। इससे प्रसव के बाद गर्भाशय सामान्य आकार में लौटने में मदद मिलती है, अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा कम हो सकता है और लंबे समय में स्तन तथा अंडाशय के कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम भी कम होने से जुड़ा पाया गया है।


डॉक्टरों की सलाह है कि जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू किया जाए और जीवन के पहले छह महीनों तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाए। इसके बाद पूरक आहार शुरू करते हुए भी दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखा जा सकता है। इससे मां और बच्चे दोनों को लंबे समय तक स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।

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