भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ग-2 और वर्ग-3 में रिक्त पदों के अनुपात में भर्ती के पद बढ़ाए जाएं, ताकि अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर मिल सके।
आंदोलन को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा सरकार से कोई खैरात नहीं मांग रहा, बल्कि अपनी मेहनत और योग्यता के आधार पर अधिकार मांग रहा है। सिंघार ने सरकार से शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का तर्क है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया में सीमित पद रखे जाने से बड़ी संख्या में पात्र उम्मीदवार अवसर से बाहर हो रहे हैं। उनका कहना है कि यदि विभाग में वास्तविक रिक्तियों के आधार पर पद बढ़ाए जाएं तो बेरोजगार युवाओं को राहत मिल सकती है और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी।
अभ्यर्थियों का आंदोलन अब राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है। विपक्ष सरकार से सवाल कर रहा है कि जब स्कूलों में शिक्षकों की जरूरत है और बड़ी संख्या में युवा पात्र हैं, तो भर्ती के पद बढ़ाने में सरकार को परेशानी क्या है?
फिलहाल अभ्यर्थी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं। अब सरकार के सामने चुनौती है कि वह आंदोलन खत्म कराने के लिए क्या ठोस फैसला लेती है।

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