अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर दिखाई देने लगा है। अमेरिकी सेना ने रविवार को रणनीतिक रूप से बेहद अहम होरमुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के लारक द्वीप पर दो प्रक्षेपण केंद्रों को निशाना बनाया। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इस घटनाक्रम ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक पर आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ा दी है।
एशियाई कारोबार में ब्रेंट कच्चा तेल 1.23 प्रतिशत बढ़कर 89.18 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई 1.10 प्रतिशत चढ़कर 84.32 डॉलर प्रति बैरल रहा। बाद के कारोबार में ब्रेंट 90 डॉलर के स्तर को भी पार कर गया।
होरमुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद अहम ऊर्जा गलियारा है। युद्ध से पहले दुनिया के करीब पांचवें हिस्से के तेल और गैस का परिवहन इसी मार्ग से होता था। ऐसे में यहां सैन्य तनाव बढ़ने पर बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता और कीमतों में तेजी दोनों बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष आगे कितना बढ़ता है। यदि होरमुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो तेल की कीमतों में और तेज उछाल आ सकता है। इसका असर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर भी पड़ सकता है।

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