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क्रेडिट कार्ड का कर्ज क्यों बढ़ता जाता है? इन 7 तरीकों से जल्दी पाएं छुटकारा

क्रेडिट कार्ड जरूरत के समय काफी काम आता है, लेकिन अगर हर महीने पूरा बिल चुकाने के बजाय सिर्फ न्यूनतम राशि जमा करने की आदत बन जाए तो कर्ज तेजी से बढ़ सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक भी कार्ड धारकों को चेतावनी देता है कि केवल न्यूनतम भुगतान करने से बकाया चुकाने में महीनों या वर्षों का समय लग सकता है और ब्याज का बोझ बढ़ता जाता है।



अगर क्रेडिट कार्ड का कर्ज लगातार बढ़ रहा है तो इन 7 तरीकों को अपनाया जा सकता है।


1. नया खर्च तुरंत रोकें

जब तक पुराना बकाया खत्म न हो जाए, गैर-जरूरी खरीदारी के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कम या बंद कर दें।


2. न्यूनतम भुगतान के चक्कर से निकलें

सिर्फ न्यूनतम राशि भरने के बजाय जितना संभव हो, उससे ज्यादा भुगतान करें। पूरी बकाया राशि चुकाना सबसे बेहतर विकल्प है।


3. सबसे महंगे कर्ज को पहले खत्म करें

अगर कई कार्ड हैं तो जिस कार्ड पर ब्याज या वित्तीय शुल्क ज्यादा है, उस पर अतिरिक्त भुगतान को प्राथमिकता दें।


4. हर महीने खर्च की सीमा तय करें

आय और जरूरी खर्चों का हिसाब बनाकर क्रेडिट कार्ड की स्पष्ट सीमा तय करें। इससे दोबारा कर्ज बढ़ने से रोकने में मदद मिलेगी।


5. बकाया को किस्त में बदलने का विकल्प समझें

अगर एकमुश्त भुगतान संभव नहीं है तो बैंक से उपलब्ध किस्त या बकाया हस्तांतरण विकल्पों की लागत और शर्तों की तुलना करें। सिर्फ कम मासिक किस्त देखकर फैसला न लें।


6. अतिरिक्त आय सीधे कर्ज में लगाएं

बोनस, अतिरिक्त कमाई या अन्य गैर-जरूरी रकम का एक हिस्सा खर्च करने के बजाय क्रेडिट कार्ड का बकाया घटाने में लगाया जा सकता है।


7. भुगतान की तारीख कभी न भूलें

समय पर भुगतान करने के लिए स्वचालित भुगतान या अलर्ट की सुविधा रखें। आरबीआई के नियमों के अनुसार कार्ड खाते को ‘बकाया’ के रूप में रिपोर्ट करने या दंडात्मक शुल्क लगाने के लिए तीन दिन से अधिक का बकाया रहना महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे बचने के लिए भुगतान समय पर करना ही बेहतर है।


याद रखें, क्रेडिट कार्ड की समस्या सिर्फ बिल चुकाने से खत्म नहीं होती। बकाया खत्म करने के साथ खर्च की आदत बदलना भी जरूरी है, तभी दोबारा कर्ज के जाल में फंसने से बचा जा सकता है।

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