बौद्धिक प्रतिकार | मंदसौर
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्वास्थ्य विभाग की भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायतों के अनुसार, जहां स्वीकृत रिक्त पदों की संख्या 66 बताई जा रही है, वहीं 318 नियुक्तियां किए जाने का दावा किया गया है। मामले की जांच जारी है और कई शिकायतकर्ताओं ने जांच समिति के समक्ष बयान दर्ज कराए हैं।
शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. गोविंदसिंह चौहान के कथित रिश्तेदार जयदीप ने स्वयं को "बड़े पापा सीएमएचओ हैं, नौकरी 100 प्रतिशत पक्की" बताकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये लिए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे धन लिया गया, लेकिन नियुक्ति नहीं मिली।
जांच के दौरान भर्ती, स्थानांतरण, अटैचमेंट, फर्जी उपस्थिति तथा अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े आरोप भी सामने आए हैं। कुछ शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कर्मचारियों के सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं विभागीय कार्यालय के बजाय निजी स्थानों पर कराई जाती थीं।
शिकायतों के अनुसार, एक व्यक्ति से बेटे की नौकरी के नाम पर 70 हजार रुपये, जबकि दूसरे मामले में 11 लोगों से लगभग 7.70 लाख रुपये लेने के आरोप लगाए गए हैं। अन्य शिकायतकर्ताओं ने भी नौकरी दिलाने के नाम पर धन लेने का आरोप लगाया है।
इसी संदर्भ में कुछ लोगों ने इंदौर के सीएमएचओ डॉ. माधवप्रसाद हासानी के कार्यकाल को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष और किसी सक्षम न्यायालय या जांच एजेंसी का अंतिम निष्कर्ष अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
नोट: उपरोक्त सभी आरोप शिकायतों और जांच के दौरान सामने आए दावों पर आधारित हैं। इनकी पुष्टि सक्षम जांच एजेंसी या न्यायालय द्वारा किया जाना शेष है।

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