मैग्लेव परीक्षण में अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा, 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर नजर
बीजिंग। चीन ने अति-तेज परिवहन तकनीक में बड़ा परीक्षण किया है। हुबेई स्थित ईस्ट लेक प्रयोगशाला में 1.1 टन के परीक्षण वाहन को महज 5.3 सेकंड में 800 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचाया गया। यह परीक्षण 1000 मीटर लंबे विशेष ट्रैक पर किया गया। वाहन करीब 600 मीटर की दूरी पर अपनी अधिकतम गति तक पहुंचा और पूरी परीक्षण यात्रा करीब आठ सेकंड में पूरी हुई।
खास बात यह है कि चीन ने इसी प्रयोगशाला के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है। इससे पहले जून में 650 किमी और जुलाई में 700 किमी प्रति घंटे की गति हासिल की गई थी। शोधकर्ताओं के मुताबिक परीक्षण में चुंबकीय उत्तोलन और विद्युतचुंबकीय प्रणोदन तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
हालांकि इसे अभी यात्रियों को लेकर चलने वाली ट्रेन नहीं माना जा सकता। यह एक परीक्षण वाहन है, जिसका उद्देश्य अति-तेज चुंबकीय परिवहन की तकनीक विकसित करना है। इतनी गति पर वायुगतिकीय स्थिरता, नियंत्रण, संचार और सुरक्षित ब्रेकिंग जैसी चुनौतियां बेहद महत्वपूर्ण हैं।
चीन की नजर अब 1000 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति वाली अगली पीढ़ी की चुंबकीय परिवहन प्रणाली पर है। ऐसी तकनीक का इस्तेमाल भविष्य में यात्री परिवहन के साथ अंतरिक्ष प्रक्षेपण और अन्य उच्च गति वाली प्रणालियों में भी किए जाने की संभावना पर शोध चल रहा है।
सवाल यह है कि प्रयोगशाला में 800 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का यह रिकॉर्ड कब सुरक्षित, व्यावहारिक और आम यात्रियों के लिए इस्तेमाल होने वाली परिवहन व्यवस्था में बदल पाएगा?

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