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500 करोड़ की अवैध प्लॉटिंग पर प्रशासन का शिकंजा

21 प्रकरण दर्ज, 30 से अधिक भू-स्वामी जांच के घेरे में; जमीन के रिकॉर्ड में चढ़ी कार्रवाई की मुहर

प्रणव बजाज


जिले में वर्षों से फल-फूल रहे कथित अवैध कॉलोनी कारोबार पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले एक महीने से चल रहे अभियान के तहत अब केवल सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने तक सीमित कार्रवाई नहीं, बल्कि निजी भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति कॉलोनियां विकसित करने वालों पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है।



मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद कलेक्टर ने जिलेभर में सर्वे और चिन्हांकन कराया। एसडीएम स्तर से आए प्रस्तावों पर अपर कलेक्टर की अदालत में सुनवाई हुई, जिसके बाद प्रारंभिक रूप से 21 प्रकरणों में 30 से अधिक भू-स्वामियों के राजस्व अभिलेखों में अवैध कॉलोनी संबंधी प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए गए।


अब नहीं होगी आसान खरीदी-बिक्री


प्रशासन के अनुसार जिन जमीनों के रिकॉर्ड में अवैध कॉलोनी का प्रकरण दर्ज हो गया है, वहां जांच पूरी होने तक जमीन की खरीदी-बिक्री, प्लॉट बिक्री और कॉलोनी विकास जैसी गतिविधियां प्रभावित रहेंगी। इससे बिना अनुमति विकसित हो रही कॉलोनियों पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।


500 करोड़ की जमीन जांच के घेरे में


प्रशासन की कार्रवाई 26 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर केंद्रित है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 500 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोप है कि इन जमीनों पर आवश्यक स्वीकृतियों के बिना प्लॉट काटकर बिक्री की जा रही थी।


इन इलाकों में चला प्रशासन का डंडा


कार्रवाई मुख्य रूप से देपालपुर तहसील के कालीबिल्लौद, भिचौली हप्सी, जामन्याखुर्द, असरावद खुर्द, उमरीखेड़ा, मोरोदनेहरू, मिर्जापुर और कैलोदकरताल सहित कई गांवों में की गई है।


खरीदार भी रहें सतर्क


प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी भूखंड की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्वीकृतियों, नक्शे और दस्तावेजों की पूरी जांच अवश्य करें, अन्यथा भविष्य में कानूनी विवाद और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।


बौद्धिक प्रतिकार की पड़ताल

क्या बिना अनुमति कॉलोनियां वर्षों तक विकसित होती रहीं?

जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी या केवल भू-स्वामियों पर कार्रवाई होगी?

जिन लोगों ने पहले ही प्लॉट खरीद लिए हैं, उनके हितों की सुरक्षा कैसे होगी?

क्या पूरे जिले की सभी अवैध कॉलोनियों की सूची सार्वजनिक की जाएगी?

अभियान जारी है। आने वाले दिनों में और भी अवैध कॉलोनियां प्रशासन के रडार पर आ सकती हैं।

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