ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती रद्द, रोहित पवार का दावा—एजेंटों के नेटवर्क ने बेचे प्रश्नपत्र
मुंबई। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की ड्रग इंस्पेक्टर, गट-ब भर्ती परीक्षा अब विवादों के घेरे में है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की प्रारंभिक जांच के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। 22 मार्च 2026 को हुई स्क्रीनिंग परीक्षा के प्रश्नपत्र के परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों तक पहुंचने की बात जांच में सामने आई है। अब इस मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने इससे कहीं बड़ा दावा किया है।
रोहित पवार का आरोप है कि प्रश्नपत्र किसी एक अभ्यर्थी तक सीमित नहीं था, बल्कि राज्यभर में सक्रिय एजेंटों के नेटवर्क के जरिए 40-40 लाख रुपये में बेचा गया। उनका कहना है कि आयोग को भी इस कथित नेटवर्क की जानकारी थी। उन्होंने आयोग से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और उन लोगों के नाम सामने लाने की मांग की है, जिन पर पेपर लीक में शामिल होने का आरोप है।
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आयोग ने भर्ती प्रक्रिया ही निरस्त कर दी है और अब दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। रिपोर्टों के मुताबिक मुंबई पुलिस की अपराध शाखा की जांच भी चल रही है और मामले में गिरफ्तारियां हुई हैं।
रोहित पवार ने आयोग के अध्यक्ष की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए इस्तीफे की मांग भी की है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—अगर 40 लाख रुपये में पेपर बेचने का दावा जांच में सही निकलता है, तो इस नेटवर्क की जड़ें कहां तक पहुंचती हैं और इसमें कौन-कौन शामिल था?
फिलहाल 40 लाख रुपये में प्रश्नपत्र बिकने का दावा रोहित पवार का आरोप है; इसकी अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही होगी।

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