शिलांग। मेघालय की राजधानी शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन की ओर से निकाली गई काली झंडे वाली बाइक रैली बुधवार को हिंसक हो गई। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों में कम से कम 31 वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया, जबकि दो सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। कई लोगों के साथ कथित तौर पर मारपीट भी की गई।
हिंसा के दौरान स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाओं को भी कथित तौर पर क्षतिग्रस्त किया गया। सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के बाद पुलिस तथा सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई।
यह रैली खासी स्टूडेंट्स यूनियन के पांच सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन का हिस्सा थी। संगठन सरकारी भर्ती में सुधार, स्थानीय निवासियों की सुरक्षा, प्रवासी कामगारों से जुड़े नियमों सहित विभिन्न मुद्दे उठा रहा है। संगठन ने सरकार को पहले 15 दिन का अल्टीमेटम भी दिया था।
हिंसा के मामले में खासी स्टूडेंट्स यूनियन के तीन वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस ने उन्हें विभिन्न धाराओं के तहत आरोपित किया है। सरकार की ओर से छात्रों से हिंसा का रास्ता छोड़कर बातचीत करने की अपील की गई है।
अब सवाल यह है कि अपनी मांगों के लिए निकाले गए प्रदर्शन में सार्वजनिक संपत्ति, वाहनों और राष्ट्रीय महापुरुषों की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ प्रशासन कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है। आरोपियों की पहचान और जिम्मेदारी तय होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट होगी।

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