नंदुरबार। महाराष्ट्र के नंदुरबार में बच्चों और युवाओं के कथित यौन शोषण तथा ब्लैकमेल से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में चेतन कोली नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से बड़ी संख्या में आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई है।
मोबाइल की जांच में सामने आईं गंभीर बातें
पुलिस के अनुसार आरोपी के मोबाइल फोन से करीब 200 आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए गए हैं। जांच में करीब 40 बच्चों और युवाओं से जुड़े संभावित मामलों की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस अब इन वीडियो और डिजिटल सामग्री की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि इन्हें कब और किस परिस्थिति में बनाया गया तथा इनका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
चार साल तक गतिविधियों का आरोप
जांच एजेंसियां आरोपी की कथित गतिविधियों की अवधि और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार मामला कई वर्षों तक चलने की आशंका है। हालांकि, किस-किस बच्चे को निशाना बनाया गया और घटनाओं की वास्तविक संख्या कितनी है, इसका अंतिम निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
ब्लैकमेल की भी जांच
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आपत्तिजनक सामग्री के जरिए बच्चों या युवाओं को धमकाया अथवा ब्लैकमेल किया गया था या नहीं। डिजिटल उपकरणों से प्राप्त सामग्री को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
पीड़ितों की पहचान गुप्त रखना जरूरी
ऐसे मामलों में बच्चों और कथित पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन और नैतिक रूप से अनुचित है। इसलिए उनकी पहचान, तस्वीर या ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं की जानी चाहिए जिससे उनकी पहचान उजागर हो।
अब जांच का दायरा बढ़ेगा
पुलिस आरोपी के मोबाइल और अन्य डिजिटल सामग्री की फोरेंसिक जांच करा सकती है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि सामग्री किसी अन्य व्यक्ति को भेजी गई थी या नहीं और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
यह मामला बच्चों की ऑनलाइन और ऑफलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी है। अभिभावकों को बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें यह भी समझाना चाहिए कि किसी भी धमकी, अनुचित संपर्क या ब्लैकमेल की स्थिति में तुरंत भरोसेमंद वयस्क या पुलिस की मदद लें।

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