इंदौर। गोराकुंड चौराहे के नजदीक स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनाई गई सड़क का बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। बताया जा रहा है कि नई पानी की लाइन की टेस्टिंग के दौरान सड़क के नीचे से पानी फूटने के बाद यह स्थिति बनी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें सड़क के धंसने की स्थिति स्पष्ट दिखाई दे रही है।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, इस सड़क के निर्माण पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। ऐसे में सड़क बनने के बाद ही पानी की लाइन की टेस्टिंग के दौरान उसका धंस जाना निर्माण गुणवत्ता और सड़क के नीचे किए गए काम की मजबूती पर सवाल खड़े करता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार सड़क के नीचे पानी का रिसाव कैसे हुआ और क्या सड़क निर्माण से पहले जमीन, पाइपलाइन तथा जल निकासी व्यवस्था की पर्याप्त तकनीकी जांच की गई थी?
घटना के बाद स्मार्ट सिटी परियोजना की निर्माण एजेंसी, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी जांच के घेरे में आ सकती है। यदि सड़क के नीचे की संरचना कमजोर थी या पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं हुई, तो इसकी जवाबदेही तय करना जरूरी होगा।
करोड़ों की सड़क का इतनी जल्दी धंसना सिर्फ एक सड़क की घटना नहीं, बल्कि निर्माण गुणवत्ता की निगरानी व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है।

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