इंदौर। शहर के सबसे व्यस्त कनाड़िया रोड जंक्शन पर प्रस्तावित 150 करोड़ रुपये का डबल डेकर ब्रिज प्रोजेक्ट तकनीकी अड़चनों और बढ़ती लागत के कारण रद्द कर दिया गया है। अब इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने कनाड़िया, बिचौली हप्सी और एमआर-9 जंक्शन पर एमआर-10 की तर्ज पर 6-लेन ग्रेड सेपरेटर (अंडरपास) बनाने का प्रस्ताव भेजा है।
आईडीए के अनुसार, डबल डेकर ब्रिज से केवल एक चौराहे की समस्या का आंशिक समाधान होता, जबकि भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को देखते हुए पूरे बायपास कॉरिडोर के लिए अंडरपास अधिक प्रभावी विकल्प माना गया है। इस संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से सर्वे और निर्माण प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कनाड़िया और बिचौली हप्सी क्षेत्र में विकसित हो रही तीन बड़ी टाउनशिप, नई कॉलोनियों और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण आने वाले वर्षों में बायपास पर प्रतिदिन लगभग 50 हजार अतिरिक्त वाहनों का दबाव बढ़ सकता है। वर्तमान में इन जंक्शनों से करीब एक लाख वाहन रोजाना गुजरते हैं।
आईडीए का कहना है कि 8 से 10 वर्ष पहले बने दो-लेन फ्लाईओवर मौजूदा यातायात के लिए पर्याप्त नहीं हैं और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नए ढांचे की आवश्यकता है।
हालांकि, इतने बड़े प्रोजेक्ट के रद्द होने के बाद शहर में यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या तकनीकी कारण ही इसकी वजह हैं या फिर परियोजना की योजना और निर्णय प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा की जरूरत है। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि नया प्रस्ताव शहर की दीर्घकालिक यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

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