अब पैकेट पर नहीं चलेगा ‘100% प्योर’ का खेल! FSSAI के रडार पर डाबर, जारी किया कड़ा आदेश

 


नई दिल्ली। खाद्य उत्पादों पर आकर्षक दावों के जरिए ग्राहकों को प्रभावित करने की प्रवृत्ति पर अब सख्ती शुरू हो गई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने 3 अगस्त को डाबर इंडिया के कई लोकप्रिय उत्पादों पर "100%" शब्द का इस्तेमाल भ्रामक मानते हुए तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया है।



FSSAI की जांच में पाया गया कि कई उत्पादों की पैकेजिंग और प्रचार सामग्री में "100% प्योर", "100% नेचुरल" और इसी तरह के दावे किए जा रहे थे, जबकि ऐसे दावों के समर्थन में आवश्यक वैज्ञानिक और नियामकीय आधार उपलब्ध नहीं था। इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विज्ञापन एवं दावे) विनियम, 2018 का उल्लंघन माना गया।


प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि कोई भी खाद्य कंपनी बिना पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण और नियामकीय अनुमति के उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले दावे नहीं कर सकती। ऐसे दावों से ग्राहकों के खरीद निर्णय प्रभावित होते हैं, इसलिए इन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


FSSAI ने कंपनी को संबंधित पैकेजिंग, लेबल और प्रचार सामग्री से "100%" जैसे दावे हटाने तथा नियमों के अनुरूप संशोधन करने के निर्देश दिए हैं। यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो आगे नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जा सकती है।


यह कार्रवाई केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं मानी जा रही है। खाद्य नियामक ने संकेत दिए हैं कि अन्य कंपनियों के उत्पादों पर किए जा रहे इसी तरह के दावों की भी समीक्षा की जा रही है। आने वाले समय में भ्रामक विज्ञापनों और अतिरंजित दावों के खिलाफ अभियान और तेज होने की संभावना है।


क्या बदलेगा?



"100% प्योर", "100% नेचुरल" जैसे दावों पर अब कड़ी निगरानी रहेगी।


कंपनियों को हर दावे के पीछे वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।


भ्रामक पैकेजिंग और विज्ञापनों पर सख्त नियामकीय कार्रवाई की जाएगी।


उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी और तथ्य आधारित जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

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