मध्य प्रदेश में एक चर्चित मामले में विशेष अदालत ने भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे को फरार (उद्घोषित अपराधी/प्रोक्लेम्ड एब्सकॉनडर, जैसा आदेश में लागू हो) घोषित करते हुए उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
अदालत ने अपने आदेश में निर्देश दिया है कि प्रकरण की मूल फाइल के मुख्य पृष्ठ पर लाल स्याही से "अभियुक्त फरार है" अंकित किया जाए तथा मामले को नियमानुसार सुरक्षित रखा जाए। यह आदेश तब दिया गया जब आरोपी न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ और कानूनी प्रक्रिया के बावजूद उसकी उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो सकी।
अब पुलिस पर आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश करने की जिम्मेदारी होगी। गिरफ्तारी के बाद ही मामले की आगे की न्यायिक सुनवाई आगे बढ़ सकेगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब न्यायालय लगातार यह स्पष्ट कर रहे हैं कि कानून की नजर में सभी नागरिक समान हैं और न्यायिक आदेशों का पालन करना प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य है, चाहे उसका राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव कुछ भी हो।
फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। अदालत के आदेश के बाद पुलिस की अगली कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी पर सभी की नजर रहेगी। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में सुनवाई पूरी होने के बाद ही होगा।

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