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भारोत्तोलन में एक और पदक की आस, संजना पर टिकी रहेंगी भारत की उम्मीदें

 

भारतीय दल की नजर शानदार शुरुआत को आगे बढ़ाने पर, युवा भारोत्तोलक से दमदार प्रदर्शन की उम्मीद

ग्लास्गो।

राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारोत्तोलन भारत के लिए सबसे सफल खेल साबित हो रहा है। अब भारतीय खेल प्रेमियों की निगाहें युवा भारोत्तोलक संजना पर हैं, जिनसे देश को एक और पदक की उम्मीद है। 



संजना ने इस वर्ष एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्नैच, क्लीन एंड जर्क और कुल भार वर्ग में तीन कांस्य पदक जीतकर अपनी क्षमता का परिचय दिया था। यही प्रदर्शन उन्हें राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की प्रमुख पदक दावेदारों में शामिल करता है। 


भारतीय भारोत्तोलकों ने अब तक प्रतियोगिता में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। मीराबाई चानू, हरजिंदर कौर और अन्य खिलाड़ियों की सफलता के बाद टीम का आत्मविश्वास ऊंचा है। ऐसे में संजना से भी उम्मीद है कि वह इस लय को बरकरार रखते हुए भारत की पदक संख्या में इजाफा करेंगी। 


भारतीय दल की कोशिश होगी कि भारोत्तोलन में अपना दबदबा कायम रखते हुए पदक तालिका में और मजबूती हासिल की जाए। यदि संजना अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब पहुंचती हैं, तो भारत के खाते में एक और पदक जुड़ सकता है।

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