बेलगावी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक रविवार को कर्नाटक के बेलगावी में संपन्न हुई। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर से 226 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में संगठन के विस्तार, प्रशिक्षण, सामाजिक कार्यों और समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर विस्तृत मंथन किया गया।
संघ ने बताया कि मार्च 2026 के बाद देशभर में 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग आयोजित किए गए, जिनमें 18,842 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में शाखा संचालन, ग्राम विकास, कुटुंब प्रबोधन, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय शामिल रहे।
बैठक में सितंबर माह के दौरान अधिकतम शाखा विस्तार अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की गई। साथ ही संघ के शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा और शेष कार्यक्रमों की कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श हुआ। सामाजिक कार्यों और 'पंच परिवर्तन' अभियान से अधिकाधिक लोगों को जोड़ने की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के प्रस्तावित प्रवास कार्यक्रम पर भी विचार किया गया। इसके अलावा जनगणना, जनसांख्यिकीय असंतुलन, बढ़ती नशाखोरी और नशा मुक्ति अभियान जैसे समसामयिक विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार किया गया।
राम मंदिर दानपेटी प्रकरण पर जताई चिंता
बैठक में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दानपेटी में चढ़ावे की गिनती में सामने आई कथित अनियमितता के मामले पर भी चिंता व्यक्त की गई। संघ ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अनुरोध पर चल रही एसआईटी और पुलिस की जांच निर्णायक निष्कर्ष तक पहुंचेगी, ऐसा विश्वास है। साथ ही अपेक्षा जताई गई कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, जिससे करोड़ों रामभक्तों की आस्था प्रभावित हो।

Post a Comment