आज के समय में बढ़ता कोलेस्ट्रॉल हृदय रोगों का एक प्रमुख जोखिम कारक बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल तला-भुना भोजन ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कई आदतें भी खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) बढ़ाने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) को कम करने में भूमिका निभा सकती हैं।
लंबे समय तक बैठे रहना, नियमित व्यायाम न करना, बार-बार जंक फूड और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थों का सेवन, धूम्रपान, अत्यधिक शराब का सेवन, पर्याप्त नींद न लेना और लगातार तनाव में रहना जैसी आदतें समय के साथ हृदय स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। अधिक वजन और मोटापा भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें, आहार में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, मेवे और स्वस्थ वसा शामिल करें तथा संतृप्त और ट्रांस वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें। धूम्रपान से दूरी, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन भी हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
यदि आपके परिवार में हृदय रोग या उच्च कोलेस्ट्रॉल का इतिहास है, या पहले से मधुमेह, उच्च रक्तचाप या मोटापे जैसी समस्या है, तो समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल जांच कराना और चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। समय रहते जीवनशैली में सुधार करके कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने और हृदय रोगों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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