Top News

ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी से तेल बाजार में भूचाल

 

अमेरिकी घोषणा के बाद कच्चा तेल उछला, वैश्विक महंगाई और भारत के आयात बिल पर बढ़ी चिंता

नई दिल्ली। अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी दोबारा लागू करने की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार में तेज़ उछाल दर्ज किया गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई (WTI) दोनों प्रमुख तेल बेंचमार्क में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई।


 

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव बढ़ने से तेल आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है। इसी आशंका के चलते निवेशकों ने बड़ी मात्रा में खरीदारी की, जिससे कच्चे तेल की कीमतें एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। कुछ कारोबारी सत्रों में कीमतों में लगभग 10 प्रतिशत तक की तेज़ बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। 

भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, परिवहन लागत और महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया का संकट और गहराता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ भारत के आयात बिल पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post